रायबरेली की ‘दिशा’ बैठक में PWD अधिकारियों और जिला प्रशासन से सड़क की बदहाली पर मांगा जवाब
मंत्री मनोज पांडेय समेत कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
रायबरेली।उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों की समीक्षा के लिए होने वाली जिला स्तरीय ‘दिशा’ बैठकों में सत्ताधारी दल के मंत्री, सांसद और विधायकों को भी नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से समीक्षा का तरीका सीखने की जरूरत है। रायबरेली में बुधवार को आयोजित डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट को-ऑर्डिनेटिंग कमेटी (दिशा) की बैठक में राहुल गांधी ने अधिकारियों के सामने जमीनी हकीकत रखकर कई सवाल खड़े कर दिए।
कलेक्ट्रेट में करीब ढाई घंटे चली बैठक के दौरान राहुल गांधी ने अपने मोबाइल फोन पर रायबरेली की जर्जर सड़कों और जगह-जगह बने गड्ढों की तस्वीरें कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय समेत संबंधित अधिकारियों को दिखाईं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों और जिलाधिकारी से सवाल किया कि जब सरकार की ओर से विकास कार्यों के लिए धन उपलब्ध कराया जा रहा है, तो सड़कों की स्थिति इतनी खराब क्यों है?
राहुल गांधी ने अधिकारियों से यह भी पूछा कि सड़कों के निर्माण और उनके रखरखाव के लिए मिलने वाले धन का जमीनी स्तर पर समुचित उपयोग क्यों नहीं हो रहा है? उन्होंने कहा कि कागजों पर विकास कार्य होने और धरातल पर उनकी वास्तविक स्थिति में अंतर नहीं होना चाहिए।
बैठक में राहुल गांधी के सवालों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों और इंजीनियरों से जवाब मांगा गया। बैठक में ऊंचाहार से भाजपा विधायक एवं कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय, एमएलसी एवं राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, पुलिस अधिकारी तथा बिजली और लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
जनता दरबार में सुनीं लोगों की समस्याएं
दिशा की बैठक से पहले राहुल गांधी ने सांसद केएल शर्मा के साथ जनता दरबार लगाया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों और विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों ने उनसे मुलाकात कर अपनी समस्याएं और शिकायतें रखीं। इसी दौरान एक महिला कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी को राखी भी बांधी।
रायबरेली प्रवास के दौरान राहुल गांधी ने आमजन के साथ-साथ विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और संवाद किया। उन्होंने स्थानीय सपा नेताओं से भी मुलाकात की।

विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास
जनता से संवाद और प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने क्षेत्र में चल रहे प्रगतिशील विकास कार्यों का लोकार्पण और विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इसके बाद उन्होंने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक में सहभागिता की।
बैठक में राहुल गांधी का जोर इस बात पर रहा कि विकास योजनाओं की समीक्षा केवल सरकारी आंकड़ों और कागजी रिपोर्ट तक सीमित न रहे, बल्कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को मौके पर काम की वास्तविक स्थिति की भी निगरानी करनी चाहिए।
रायबरेली की दिशा बैठक में सड़क की बदहाली को लेकर राहुल गांधी द्वारा सीधे अधिकारियों से सवाल किए जाने के बाद बैठक में मौजूद विभागीय अधिकारियों को जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की स्थिति को लेकर जवाब देना पड़ा।
